LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

छत्तीसगढ़ में RTE के तहत गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार: 25% सीटें आरक्षित, नियम तोड़ने वाले निजी स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में RTE के तहत गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार: 25% सीटें आरक्षित, नियम तोड़ने वाले निजी स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 को अप्रैल 2010 से प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस कानून के तहत राज्य के गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर, दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इन बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर ही प्रवेश देने का प्रावधान है, जिससे शिक्षा तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित हो सके।

ये खबर भी पढ़ें…
सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
September 29, 2026
*सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय *मुख्यमंत्री ने की परिवहन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी और संवेदनशील नीति अपनाते हुए हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।

RTE अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निजी स्कूलों को नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके बदले राज्य सरकार संबंधित स्कूलों को प्रति छात्र व्यय के आधार पर प्रतिपूर्ति राशि प्रदान करती है। यह राशि या तो सरकारी स्कूलों में प्रति बच्चे होने वाले खर्च के बराबर होती है या फिर निजी स्कूल की वास्तविक फीस के अनुरूप—दोनों में से जो कम हो, वही मान्य होता है।

ये खबर भी पढ़ें…
पारस पोर्टल से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
पारस पोर्टल से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
September 29, 2026
पारस पोर्टल से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

छत्तीसगढ़ में प्रतिपूर्ति की राशि अन्य राज्यों की तुलना में संतुलित और प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से कक्षा 1 से 5 तक 7,000 रुपये तथा कक्षा 6 से 8 तक 11,400 रुपये प्रति छात्र वार्षिक प्रतिपूर्ति निर्धारित है। तुलना करें तो मध्य प्रदेश में 4,419 रुपये, बिहार में 6,569 रुपये, झारखंड में 5,100 रुपये और उत्तर प्रदेश में 5,400 रुपये वार्षिक राशि दी जाती है। हालांकि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, फिर भी समग्र दृष्टि से छत्तीसगढ़ की व्यवस्था संतुलित मानी जा रही है।

वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में RTE के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वहीं इस वर्ष भी कक्षा पहली में लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। चूंकि सभी निजी विद्यालयों को RTE अधिनियम के तहत ही मान्यता दी गई है, इसलिए इन नियमों का पालन करना उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है।

ये खबर भी पढ़ें…
नमो गाथा’ के तहत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया जनजागरूकता का संदेश
नमो गाथा’ के तहत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया जनजागरूकता का संदेश
September 29, 2026
नमो गाथा’ के तहत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया जनजागरूकता का संदेश      गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 29 सितंबर 2026/सेवा संकल्प...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई निजी विद्यालय RTE के तहत प्रवेश देने से इनकार करता है या प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें विद्यालय की मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान शामिल है।

शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे RTE से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर ही भरोसा करें। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र बच्चे को शिक्षा का उसका अधिकार पूरी पारदर्शिता और मजबूती के साथ मिले।

Back to top button
error: Content is protected !!